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ऑनलाइन योग से बढ़ाएं इम्युनिटी--डाॅ. शेखर शर्मा

राहुल भारद्वाज, जयपुर :  वैश्विक महामारी के इस दौर ने समस्त मानव जाति को प्रभावित किया है। आज सभी की सोचने, समझने, आहार-विहार, शिक्षा, व्यवसाय सभी के तौर तरीके बदल गए है।  ध्यान फाउंडेशन संस्था के फाउंडर डॉ. शेखर शर्मा ने कहा कि हम उदाहरण देते थे कि ईसा से पूर्व व पश्चात् का दौर, ठीक उसी प्रकार आने वाले समय में भी लोग यही कहेंगे कोरोना से पूर्व व कोरोना के पश्चात् के हालात आज समस्त गतिविधियां ऑनलाईन चल रही है वहीं योग भी अपने परम्परागत रूप में आ गया। शास्त्रों में लिखा है भोजन-भजन तथा योग व भोग जो परदे में करने के काम योग्य कार्य थे आज प्रदर्शन का रूप ले लिया है। आज हम योग के मूल रूप का अभ्यास कर रहे है। योग एकांत में स्वयं की स्वयं के साथ वार्ता है। सरकार कहती है घर में रहें सुरक्षित रहें तथा योग करके स्वस्थ भी रहे। परम्परागत ऑनलाईन योग करते अति. पुलिस अधीक्षक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो नरोत्तम वर्मा ने कहा कि योग केवल रोग निवारण के लिए ही नहीं है। हमें इसे दैनिक जीवन का अंग बनाते हुए अपनी मानसिक व आध्यात्मिक उन्नति भी करनी है। आहार-आराम व अभ्यास में तालमेल लाते हुए स्वस्थ जीवन जीना है। 
राजस्थान योग प्रतिष्ठान के सचिव पं. सुरेश मिश्रा ने कहा कि यदि सजगता के साथ अभ्यास करें तो हमारा पूरा सत्र प्राणायाम व ध्यान का सत्र बन जाता है। सीमित से असीमित ऊर्जा के स्तर तक पहुंचाती है।आरएसएलडीसी की उपमहाप्रबंधक मुक्ता अरोड़ा ने बताया कि योग से हम मानसिक तनाव को दूर कर स्वस्थ व निरोग जीवन जी सकते है। डॉ. शर्मा ने अंत में कहा आज के इस कठिन दौर में सबसे कठिन आसन है आश्वासन व सबसे लम्बा श्वास है। विश्वास और सबसे कठिन योग है वियोग और जीवन का सबसे अच्छा योग एक दूसरे का सहयोग करना। आज इस महामारी के समय हमें आवश्यकता है एक दूसरे को योग से स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर सहयोग करने की योग, प्राकृतिक चिकित्सा व आयुर्वेद से जुड सम्पूर्ण स्वास्थ्य प्राप्त करता है। क्रीडा भारती प्रमुख मेघ सिंह जी ने बताया कि 21 जून को विश्व योग दिवस पर 19 से 21 जून सम्पूर्ण राजस्थान के सभी 33 शासकीय जिलों में एक साथ  ऑनलाइन योगाभ्यास करवाया जाएगा। 

 

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