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रूस की तरह प्रतिभा निखारने पर काम करेगा भारत

रूस की तर्ज पर अब भारत भी प्रतिभाओं ( गिफ्टिड स्टूडेंट) को तराशेगा। केंद्र सरकार ने  सिरिअस एजुकेशनल सेंटर (हर क्षेत्र के होनहार छात्रों को दी जाती है विशेष ट्रेनिंग) की तर्ज पर भारत के सेंटर फॉर एक्सीलेंस का खाका तैयार कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को अक्तूबर में शुरू करने की तैयारी चल रही है। दिल्ली बाल भवन में मुख्यालय होगा। पहले चरण में ऑट्र्स और कॉमर्स के 30-30 छात्रों को तराशा जाएगा।   केंद्र के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सेंटर फॉर एक्सीलेंस का पायलट प्रोजेक्ट तैयार कर लिया है। पायलट प्रोजेक्ट में देशभर के स्कूलों से नौंवी से 12वीं कक्षा के छात्रों में से चयन होगा। ऑर्ट्स से संबंधित छात्रों को बाल भवन और सूचना प्रौद्योगिकी व साइंस के क्षेत्र में भविष्य बनाने वाले छात्रों को आईआईटी दिल्ली में ट्रेनिंग मिलेगी। कला उत्सव, साइंस व मैथ्स ओलंपियाड, किशोर वैज्ञानिक समेत अन्य राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों का चयन होगा।
मई 2018 में प्रधानमंत्री रूस दौरे पर गए थे। इस दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मोदी को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट सोचि के सिरिअस एजुकेशनल सेंटर में बच्चों और उनकी खासियत से रूबरू करवाया था। प्रधानमंत्री मोदी को रूसी राष्ट्रपति द्वारा तैयार सिरिअस एजुकेशनल सेंटर बेहद पसंद आया है। इसी के तहत विभिन्न मंत्रालय इस प्रोजेक्ट की रूपरेखा बनाने पर काम कर रहे थे।

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