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पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने हाथ से हटाया रक्षा सूत्र, बताया गुलामी का प्रतीक

वीरेंद्र सरोज, आजमगढ़ : पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने अपने शहर के परानापुर स्थित आवास पर एक बैठक का आयोजन किया। जिसमें आजमगढ़ के अलावा प्रदेश के कई जनपदों से लोग जुटे। पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने दावा किया कि सभी जुटे हुए लोग दलित शोषित और पिछड़े समाज के हैं तथा अपने हाथों में रक्षा सूत्र को हटा दिए हैं। कहा कि रक्षा सूत्र गुलामी की जंजीर है और हिंदू धर्म में जिस प्रकार से ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र चार वर्णों में विभाजित किया गया है। यहां मौजूद सभी लोग न ब्राह्मण हैं न क्षत्रिय न वैश्य हैं तो इस प्रकार शुद्र हैं। इसलिए पूर्व सांसद रमाकांत यादव ने कहा कि वह अपने नाम के आगे शुद्र रमाकांत यादव लिखेंगे इसके अलावा यहां पर उपस्थित अन्य सभी बुद्धिजीवी वर्ग के लोग भी अपने नाम के आगे शुद्र लिखने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अपने पूर्वज बाबा भीमराव अंबेडकर, पेरियार, कर्पूरी ठाकुर, ज्योतिबा फूले समेत तमाम महापुरुषों के बताए रास्ते पर चलने का काम करेंगे और अपने अधिकार के लिए लड़ेंगे और उसको जरुरत पर छीन लेंगे।पूर्व सांसद रमाकांत यादव पहले भारतीय जनता पार्टी से एमपी रहे हैं। 2014 के चुनाव में बीजेपी से आजमगढ़ के सांसद के टिकट पर लड़े थे मुलायम सिंह यादव से हार गए 2019 के चुनाव में भी टिकट के दावेदार थे लेकिन उनकी जगह भोजपुरी फिल्म स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ को टिकट मिलने से नाराज होने पर उन्होंने बाद में पार्टी छोड़ दी और फिर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। आज के सम्मेलन के बाबत उनका कहना था कि सपा से इस सम्मेलन से कोई संबंध नहीं है। यह उनका व्यक्तिगत प्रयास है और इसमें दलित शोषित समाज के बुद्धिजीवी वर्ग के लोग ही जुटे हैं।<!--/data/user/0/com.samsung.android.app.notes/files/clipdata/clipdata_200728_185253_854.sdoc-->

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