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केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री भट्ट ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से की मुलाकात जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना के लिए भारत सरकार द्वारा निवेश स्वीकृति दिए जाने की मांग की

 

ब्यूरो रिपोर्ट... रामपाल सिंह धनगर

रुद्रपुर...केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री श्री अजय भट्ट ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात करते हुए उन्हें जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना के वित्तपोषण की जल संसाधन विभाग भारत सरकार द्वारा निवेश स्वीकृति दिए जाने की मांग की है। केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात करते हुए उन्हें पत्र के माध्यम से अवगत कराया है कि नैनीताल जिले के काठगोदाम से 10 किलोमीटर अपस्ट्रीम में गोला नदी पर जमरानी बांध 130.6 मीटर की ऊंचाई पर निर्माण प्रस्तावित है परियोजना से 150000 हेक्टेयर कृषि योग्य क्षेत्र सिंचाई सुविधा से लाभान्वित होना है साथ ही हल्द्वानी शहर को वार्षिक 42 एमसीएम पेयजल उपलब्ध कराए जाने तथा 63 मिलियन यूनिट जल विद्युत उत्पादन का प्रावधान है।भट्ट ने पत्र के माध्यम से बताया है कि फरवरी 2019 में जल संसाधन नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग भारत सरकार की सलाहकार समिति द्वारा परियोजना का 2584.10 करोड़ का अनुमोदन किया गया था। फरवरी 2022 में भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत परिचालित पुनरीक्षित मार्गदर्शी सिद्धांतों के अनुसार जमरानी बांध परियोजना पीएमकेएसवाई के अंतर्गत 90 केंद्र अंश और 10 राज्य अंश के अनुसार वित्त पोषण हेतु पात्र है। जिसके लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने संबोधन में जमरानी बांध परियोजना के शीघ्र निर्माण हेतु आश्वासन दिया गया था जिसके पश्चात 10 जून 2022 को सचिव जल शक्ति मंत्रालय के अध्यक्षता में निवेश स्वीकृत हेतु आयोजित बैठक में जमरानी बांध परियोजना का निवेश स्वीकृति हेतु अनुमोदन प्रदान किया गया है।

भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयास से उन्होंने 90:10 के अनुपात में परियोजना बनने मे शाहर्ष स्वीकृति दी है।

भट्ट ने केंद्रीय मंत्री शेखावत से पत्र के माध्यम से निवेदन किया कि जमरानी बांध परियोजना पर स्वीकृत कार्य प्रारंभ किए जाने हेतु प्रस्तावित परियोजना को पीएमकेएसवाई के अंतर्गत आगामी स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जानी आवश्यक है। ताकि इस परियोजना के शीघ्र निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने से राज्य को इस पर योजना का लाभ समय पर प्राप्त हो सकेगा।

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