पीएमश्री एयर एम्बुलेंस से एम्स भोपाल गई लीलावती का निधन।

न्यूजलाइन नेटवर्क- ब्यूरो रिपोर्ट– अरविन्द प्रकाश मालवीय।
सिंगरौली/मध्य प्रदेश। मंगलवार को पीएमश्री एयर एम्बुलेंस से एम्स भोपाल में इलाज कराने गई लीलावती का देर रात करीब 2:00 बजे निधन हो गया। उनके निधन से परिवार जनो में शोक व्याप्त है। जिले के देवसर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सरई निवासी लीलावती गुप्ता पति हरिहर प्रसाद गुप्ता उम्र 69 वर्ष का ब्रेन हेमरेज होने पर जिला चिकित्सालय सह ट्रॉमा सेंटर बैढ़न में इलाज चल रहा था। जहां हालत गंभीर देख उन्हें बेहतर एवं उच्च स्तरीय इलाज के लिए मंगलवार की दोपहर में सिंगरौली हवाई पट्टी से एयर एम्बुलेंस के माध्यम से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भोपाल भेजा गया था। मरीज के साथ डॉ. नीरज गुप्ता को एयर एम्बुलेंस से भोपाल रवाना किया गया था। भोपाल एम्स में इलाज के दौरान मंगलवार की रात में करीब 2:00 बजे निधन हो गया। लीलावती गुप्ता पिछले कुछ समय से ट्रॉमा सेंटर बैढ़न में उपचाराधीन थीं और उनकी बेहद गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत उच्च स्तरीय चिकित्सा केंद्र रेफर करने की सलाह दी थी।
मामला संज्ञान में आते ही देवसर विधायक डॉ. राजेंद्र मेश्राम पहल पर सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल ने अद्वितीय तत्परता दिखाई। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को समझते हुए व्यक्तिगत रूप से रुचि ली और बिना समय गंवाए पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा का लाभ मरीज को दिलाने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पराज सिंह के साथ त्वरित समन्वय स्थापित किया।
कलेक्टर के मार्गदर्शन मे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और उनकी मेडिकल टीम ने सक्रियता दिखाते हुए बेहद कम समय में जरूरी स्वास्थ्य अनुमतियां तैयार कीं, जिससे राज्य स्तर से लेकर स्थानीय स्तर तक की सभी प्रशासनिक मंजूरियां चंद घंटों के भीतर सुनिश्चित कराई जा सकीं। कलेक्टर श्री गौरव बैनल और स्वास्थ्य विभाग के इसी कुशल समन्वय व त्वरित एक्शन के कारण मरीज को बिना किसी देरी के सिंगरौली हवाई पट्टी से सकुशल परिजनों के साथ एम्स भोपाल के लिए रवाना किया जा सका। मरीज के रिश्तेदार रावल दास गुप्ता ने बताया कि मरीज को 03 मई को ब्रेन हेमरेज होने पर मरीज को वाराणसी के एक निजी चिकित्सालय में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। जहां पर 04 मई को डाक्टरो द्वारा आपरेशन किया गया। स्वास्थ्य लाभ होने पर अस्पताल से छुट्टी कर दिया गया था। घर पहुचने के मरीज का दुसरे दिन फिर से स्वास्थ्य खराब हो गया। जिसे जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था।

