ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर दिखेगी हरियाली और फूलों की महक, मानसून में शुरू होगा विशेष पौधारोपण अभियान

अपने नाम के अनुरूप ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य से सजाने की तैयारी की जा रही है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर हरित पट्टी विकसित करेगा और फेंसिंग व रेलिंग के आसपास सुगंधित पौधों और बेलों का रोपण किया जाएगा, ताकि यहां से गुजरने वाले यात्रियों को हर समय ताजगी का अनुभव हो।
इस योजना के तहत ऐसे पौधों को प्राथमिकता दी जा रही है जो पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक हों। खास तौर पर बांस के पौधे लगाए जाएंगे, जिन्हें कार्बन डाईऑक्साइड अवशोषित करने में प्रभावी माना जाता है। पौधारोपण का अभियान आगामी मानसून के साथ शुरू होगा और इसमें विभिन्न प्रजातियों के लगभग 17 हजार पौधे शामिल किए जाएंगे। वहीं सुगंधित फूलों की पांच से छह किस्मों की बेलें भी लगाई जाएंगी।
करीब 32 किलोमीटर लंबे इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण सेक्टर-65 स्थित डीएनडी-फरीदाबाद-सोहना एक्सेस कंट्रोल प्वाइंट से शुरू होकर केजीपी से जुड़ते हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचेगा।
हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने फरीदाबाद पहुंचकर निर्माण कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। इस दौरान मौजूद एनएचएआई अधिकारियों ने उन्हें मानसून से पहले हरित अभियान शुरू करने की योजना की जानकारी दी।
एक्सप्रेसवे को आकर्षक और सुगंधित बनाने के लिए फेंसिंग और रेलिंग के पास कचनार, चंपा, मधुकामिनी, हरसिंगार, रात की रानी और चमेली जैसी सुगंधित प्रजातियां लगाई जाएंगी। हरसिंगार के फूल रात में खिलते हैं और अपनी तेज खुशबू के लिए पहचाने जाते हैं, जबकि कचनार और चंपा भी अपने सौम्य सुगंध और सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध हैं। इससे सुबह और रात के समय यात्रा करने वाले लोगों को प्राकृतिक ताजगी का एहसास होगा।
इसके अलावा एक्सप्रेसवे के दोनों ओर बांस के पौधे लगाए जाएंगे, जो तेजी से बढ़ने वाली वनस्पतियों में शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बांस अन्य सामान्य पेड़ों की तुलना में अधिक ऑक्सीजन उत्सर्जित करता है और वातावरण से कार्बन डाईऑक्साइड को अवशोषित करने में भी उपयोगी माना जाता है। ऐसे में यह पहल एक्सप्रेसवे को केवल सुंदर ही नहीं बल्कि पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

