राघव चड्ढा ने AAP के वोटर लिस्ट वाले आरोपों को कहा बेबुनियाद

बीजेपी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. आप पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता बस उनके खिलाफ हमले के नए-नए तरीके ढूंढने में लगे रहते हैं.
‘केजरीवाल के दिमाग पर छाया हूं‘
राघव चड्ढा ने कहा, “लगता है कि मैं अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के दिमाग पर हावी हूं. जब से मैंने भ्रष्ट AAP से रास्ता अलग किया है, तब से पार्टी का नेतृत्व इसे स्वीकार नहीं कर पा रहा. वे ऐसे ही व्यवहार कर रहे हैं जैसे कोई नाराज पूर्व सहयोगी करे, जिसे हाल ही में छोड़ दिया गया हो.”
‘AAP ने फुल-टाइम डिपार्टमेंट खोल रखा‘
तंज कसते हुए चड्ढा ने आगे कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि AAP ने मुझे निशाना बनाने के लिए एक अलग फुल-टाइम विभाग ही खोल दिया है. उनका यह हमला मेरे वोटर रजिस्ट्रेशन से संबंधित है. उनका अंदाज हमेशा एक जैसा रहता है—पहले कोई आरोप गढ़ो, फिर उसे सही ठहराने के लिए तर्क खोजो.”
‘मैंने सभी नियमों का पालन किया‘
बीजेपी सांसद ने दावा किया, “मैंने चुनाव आयोग के सभी नियमों और प्रक्रियाओं का पूर्णतः पालन किया है और निर्धारित तरीकों का ही इस्तेमाल किया. AAP ने ‘मतदाता सूची’ (Electoral Rolls) और ‘पार्टी सदस्यता रजिस्टर’ के बीच का अंतर ही नहीं समझा. वे हर उस व्यक्ति को हटाना चाहते हैं जो केजरीवाल और उनकी भ्रष्ट AAP का साथ छोड़ देता है.”
AAP का आरोप क्या है?
गौरतलब है कि मंगलवार (8 सितंबर) को AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया था कि विशेष मतदाता सूची संशोधन (SIR) प्रक्रिया के दौरान राघव चड्ढा का नाम कैसे जोड़ दिया गया, जबकि ड्राफ्ट SIR रोल में उनका नाम शामिल ही नहीं था. उन्होंने आरोप लगाया कि चड्ढा ने जो प्रक्रिया अपनाई, वह सामान्य नहीं है.
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि राजेंद्र नगर की मतदाता सूची में चड्ढा का नाम 747वें मतदाता के रूप में दर्ज हुआ, जबकि 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट लिस्ट में कुल 746 मतदाता ही दिखाए गए थे. उन्होंने यह भी बताया कि प्रविष्टि में उस क्षेत्र की सूची में सीरियल नंबर 747 पर सुनील चड्ढा के 37 वर्षीय पुत्र राघव चड्ढा का नाम दर्ज है. आप नेता ने 3 सितंबर के चड्ढा के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम हटने के बाद वे पंजाब में मतदाता के तौर पर अपना नाम पंजीकृत कराएंगे.

