नामकरण संस्कार की खुशियां मातम में बदलीं, हर्ष फायरिंग में टेंट संचालक समेत दो युवक घायल
न्यूज़लाइन नेटवर्क अमृतपुर फर्रुखाबाद

अमृतपुर थाना क्षेत्र के पिथनापुर कोटियापुर गांव में आयोजित नामकरण संस्कार का कार्यक्रम उस समय अफरा-तफरी में बदल गया, जब देर रात हुई हर्ष फायरिंग में टेंट संचालक समेत दो युवकों को गोली लग गई। घटना के बाद समारोह स्थल पर भगदड़ मच गई। दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी राममूर्ति के पुत्र के जन्म उपरांत नामकरण संस्कार का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार मौजूद थे। इसी दौरान देर रात करीब 11 बजे समारोह में किसी व्यक्ति द्वारा तमंचे से हर्ष फायरिंग कर दी गई। फायरिंग के दौरान गांव निवासी 35 वर्षीय वीरेंद्र, जो कार्यक्रम में टेंट लगाने का कार्य कर रहे थे, गोली लगने से घायल हो गए।
घायल वीरेंद्र ने बताया कि वह कार्यक्रम स्थल पर भोजन कर रहे थे, तभी अचानक चली गोली उनके हाथ में जा लगी। गोली लगते ही वहां मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई और कार्यक्रम का माहौल मातम में बदल गया। इसी दौरान गांव के ही 25 वर्षीय मुकेश पुत्र बड़े लल्ला भी गोली लगने से घायल हो गए।
घटना के बाद परिजन और ग्रामीण दोनों घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। वीरेंद्र को शनिवार सुबह डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि मुकेश का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद जिला अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों की निगरानी में दोनों का उपचार चल रहा है।
सूचना मिलते ही अमृतपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुलिस हर्ष फायरिंग करने वाले व्यक्ति की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।
थानाध्यक्ष अमृतपुर ने बताया कि दोनों घायलों का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है। अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिबंध के बावजूद नहीं थम रही हर्ष फायरिंग
प्रदेश में हर्ष फायरिंग पर सख्त प्रतिबंध और कानूनी कार्रवाई के प्रावधान होने के बावजूद शादी, जन्मोत्सव और अन्य सामाजिक आयोजनों में हथियारों का प्रदर्शन तथा फायरिंग की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पिथनापुर कोटियापुर की यह घटना एक बार फिर ऐसे आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और कानून के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

