फर्जी निस्तारण के खिलाफ भड़का ग्रामीण, अन्न-जल त्याग अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठा; एसडीएम के आश्वासन पर भी नहीं टूटा आंदोलन
चार महीने से समाधान दिवस में फरियाद लगाता रहा ग्रामीण, आरोप- तहसील से ही गायब कर दिए गए प्रार्थना पत्र; नहीं मिला एक भी आईजीआरएस नंबर
न्यूज़लाइन नेटवर्क
अमृतपुर फर्रुखाबाद
तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली से नाराज ग्राम बलीपट्टी रानी निवासी श्याम बिहारी अवस्थी ने सिस्टम के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। बीते चार महीनों से प्रत्येक संपूर्ण समाधान दिवस में लगातार प्रार्थना पत्र देने वाले श्याम बिहारी अवस्थी का आरोप है कि न तो उनके किसी प्रार्थना पत्र को विधिवत दर्ज किया गया और न ही एक भी शिकायत का आईजीआरएस नंबर उपलब्ध कराया गया। उनका सीधा आरोप है कि तहसील कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत से शिकायत पत्रों को गायब कर दिया गया और कागजों में फर्जी निस्तारण दिखाकर पूरे मामले को दबाने की कोशिश की गई।
इसी कथित भ्रष्ट और लापरवाह व्यवस्था के खिलाफ श्याम बिहारी अवस्थी गुरुवार से अपने आवास पर अन्न-जल त्यागकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में चल रहे इस आंदोलन ने पूरे तहसील प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि जब एक जागरूक व्यक्ति को अपनी शिकायत दर्ज कराने तक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, तो आम नागरिकों की सुनवाई किस तरह होती होगी।
धरने पर बैठे श्याम बिहारी अवस्थी का आरोप है कि संपूर्ण समाधान दिवस और जनता दर्शन जैसी व्यवस्थाएं केवल दिखावा बनकर रह गई हैं। शिकायतों का वास्तविक निस्तारण करने के बजाय अधिकारियों द्वारा कागजी खानापूर्ति कर शासन को गुमराह किया जा रहा है। उनका कहना है कि जिन मामलों में निस्तारण दर्शाया गया, उनमें शिकायतों की गंभीरता से जांच तक नहीं हुई।
शुक्रवार को नायब तहसीलदार अभिषेक सिंह ने दो बार वार्ता कर आंदोलन समाप्त कराने की कोशिश की, लेकिन जवाबों से असंतुष्ट ग्रामीण ने धरना जारी रखा। शनिवार सुबह उप जिलाधिकारी अमृतपुर रविंद्र सिंह राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान श्याम बिहारी अवस्थी ने फरवरी से मई तक समाधान दिवस में दिए गए सभी प्रार्थना पत्रों का रिकॉर्ड मांगा। बताया गया कि तहसील प्रशासन कई घंटों तक रिकॉर्ड तलाशता रहा और करीब चार से पांच घंटे बाद दस्तावेज लेकर पहुंचा।
करीब दो घंटे चली बातचीत के बावजूद प्रशासन ग्रामीण को संतुष्ट नहीं कर सका। जब एसडीएम से पूछा गया कि आखिर महीनों तक शिकायतों का रिकॉर्ड व्यवस्थित क्यों नहीं रहा और आईजीआरएस नंबर क्यों नहीं जारी हुए, तो वह स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
धरने के दौरान कई बार श्याम बिहारी अवस्थी की तबीयत बिगड़ने की सूचना भी सामने आई। मौके पर पहुंचे डॉ. अमित राजपूत ने स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक दवाएं दीं। डॉक्टर के अनुसार पानी न लेने और भीषण गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन की स्थिति बन रही है।
इस बीच एसडीएम रविंद्र सिंह और श्याम बिहारी अवस्थी ने संयुक्त प्रेस वार्ता भी की। एसडीएम ने निष्पक्ष जांच और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का भरोसा दिया, लेकिन आंदोलनकारी ग्रामीण प्रशासनिक आश्वासनों से संतुष्ट नहीं दिखे। श्याम बिहारी अवस्थी ने स्पष्ट कहा कि समस्याओं का वास्तविक समाधान होने तक उनका अनशन जारी रहेगा। हालांकि उन्होंने कहा कि एसडीएम के सम्मान में रविवार से वह धूप में नहीं बैठेंगे।
उधर राष्ट्रीय ब्रह्म मंच के जिला महासचिव अंकित तिवारी ने चेतावनी दी है कि यदि रविवार तक न्याय नहीं मिला तो संगठन आंदोलन में शामिल होकर प्रशासन के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करेगा।
पूरा मामला अब तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल बनता जा रहा है। लोगों के बीच चर्चा है कि शिकायत निस्तारण की सरकारी व्यवस्था कहीं न कहीं भरोसा खो चुकी है और फरियादियों की समस्याएं दफ्तरों की फाइलों में ही दफन होती जा रही हैं।

