नामांकन में लापरवाही पर डीएम का कड़ा रुख, मोहम्मदाबाद के बीईओ को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश


न्यूज़लाइन नेटवर्क
फर्रुखाबाद राहुल सिंह राठौर



बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं और स्कूल चलो अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने नामांकन की धीमी रफ्तार पर कड़ा असंतोष जताया। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मासिक समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी लक्ष्य प्राप्ति के प्रति गंभीरता दिखाएं, अन्यथा जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में सामने आया कि स्कूल चलो अभियान के तहत जिले को 35,800 बच्चों के नामांकन का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन अब तक केवल 25,421 बच्चों का ही नामांकन हो सका है। लक्ष्य से काफी पीछे चल रही प्रगति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मोहम्मदाबाद क्षेत्र में सबसे खराब प्रदर्शन पाए जाने पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए गए। वहीं कम्पिल और नगर क्षेत्र में भी अपेक्षा के अनुरूप नामांकन न होने पर संबंधित अधिकारियों को मुख्यालय से संबद्ध किए जाने की कार्रवाई करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने उन विद्यालयों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जहां 10 से भी कम बच्चों का नामांकन हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यालयों की स्थिति गंभीर चिंता का विषय है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कागजी प्रगति स्वीकार नहीं की जाएगी, बल्कि जमीनी स्तर पर परिणाम दिखाई देने चाहिए।
समावेशी शिक्षा की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने दिव्यांग बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पेशल एजुकेटरों द्वारा मई माह में किए गए गृह भ्रमण का विवरण तलब करते हुए कहा कि किसी भी दिव्यांग बच्चे को शिक्षा और सुविधाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के साथ समन्वय कर जरूरतमंद बच्चों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं तथा जिन विद्यालयों में दिव्यांग अनुकूल शौचालय नहीं हैं, वहां शीघ्र निर्माण कराया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने प्रत्येक विद्यालय में विशेष शिविर लगाकर फैमिली आईडी बनवाने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। साथ ही विद्यालयों में खेल सामग्री और खेल उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों को भी बढ़ावा देना आवश्यक है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी के सख्त तेवरों के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है और अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य हर हाल में पूरा करने की चेतावनी दी गई है।

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