छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में जहरखुरानी से वन्यजीवों की मौत, राष्ट्रीय पक्षी मोर और दुर्लभ प्रजातियों ने तोड़ा दम

छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में जहरखुरानी से वन्यजीवों की मौत, राष्ट्रीय पक्षी मोर और दुर्लभ प्रजातियों ने तोड़ा दम

 

छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में जहरखुरानी से वन्यजीवों की मौत, राष्ट्रीय पक्षी मोर और दुर्लभ प्रजातियों ने तोड़ा दम

न्यूज़लाइन नेटवर्क, स्टेट ब्यूरो 

खैरागढ़: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में भीषण गर्मी और लू के प्रकोप के बीच एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहाँ के जंगलों में बड़ी संख्या में वन्यजीवों के शव मिलने से हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि किसी ने स्थानीय जल स्रोत (पानी के स्रोत) में जहर मिला दिया था, जिसे पीने से मोर, कस्तूरी बिलाव, उल्लू और भृंगराज समेत कई वन्यजीवों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई।

भीषण गर्मी में प्यास बनी काल

वर्तमान में क्षेत्र का तापमान 46-47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। कड़कड़ाती धूप और भीषण लू के कारण जंगल के जल स्रोत सूख रहे हैं, जिससे वन्यजीव पानी की तलाश में इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पानी की कमी से जूझ रहे इन बेजुबान जानवरों ने जैसे ही उस विषाक्त जल स्रोत से पानी पिया, जहर ने तुरंत अपना असर दिखाया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

जांच में जुटी वन विभाग की टीम

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और प्रभावित जल स्रोत के नमूनों को फोरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। अधिकारियों का कहना है कि यह स्पष्ट रूप से विषाक्तता का मामला प्रतीत होता है।

वन्यजीव प्रेमियों में आक्रोश

इस घटना ने स्थानीय पर्यावरणविदों और वन्यजीव प्रेमियों को झकझोर कर रख दिया है। मोर, जो कि हमारा राष्ट्रीय पक्षी है, उसकी इतनी बड़ी संख्या में मौत से क्षेत्र में गहरा आक्रोश है। जानकारों का कहना है कि यदि यह किसी की सोची-समझी साजिश है, तो यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत एक गंभीर अपराध है।

सूत्रों की मानें तो वन विभाग ने क्षेत्र के निवासियों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है। साथ ही, भीषण गर्मी को देखते हुए वन विभाग ने जंगल के अन्य क्षेत्रों में कृत्रिम जल स्रोतों की व्यवस्था करने का कार्य तेज कर दिया है ताकि अन्य वन्यजीवों को सुरक्षित रखा जा सके।

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