सोनभद्र को सौगात: मारकुंडी घाटी में 50 एकड़ में बनेगा हाईटेक औद्योगिक क्षेत्र, पलायन पर लगेगी रोक!

मुख्य बिंदु :
परियोजना का नाम: सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र।
क्षेत्रफल: सोनभद्र की मारकुंडी घाटी के पास 50 एकड़ भूमि चिह्नित।
मॉडल: ‘प्लग-एंड-प्ले’ इंफ्रास्ट्रक्चर (रेडीमेड फैक्ट्री शेड्स और सभी बुनियादी सुविधाएं)।
कनेक्टिविटी: गुरमा मोड़ से औद्योगिक क्षेत्र तक 15.99 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी सड़क।
फोकस: आईटी, एआई, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स में ट्रेनिंग और डायरेक्ट रोजगार।
पलायन पर लगेगी रोक: सोनभद्र के मारकुंडी में 50 एकड़ में बनेगा अत्याधुनिक औद्योगिक क्षेत्र, जिला प्रशासन ने भेजा प्रस्ताव
सोनभद्र।
उत्तर प्रदेश का सोनभद्र जिला, जिसे सूबे की ‘ऊर्जा राजधानी’ कहा जाता है, अब एक बड़े इंडस्ट्रियल और रोजगार हब के रूप में बदलने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर जिले के मारकुंडी क्षेत्र में 50 एकड़ भूमि पर ‘सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र’ विकसित करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। जिला प्रशासन ने जमीन का चयन कर इसका विस्तृत प्रस्ताव शासन को मंजूरी के लिए भेज दिया है।
एक ही छत के नीचे ट्रेनिंग और रोजगार
सोनभद्र के जिलाधिकारी (DM) चर्चित गौड़ ने बताया कि इस अत्याधुनिक औद्योगिक क्षेत्र का मुख्य उद्देश्य स्थानीय युवाओं के पलायन को रोकना है। इस 50 एकड़ के परिसर में एक विश्वस्तरीय स्किल डेवलपमेंट सेंटर, औद्योगिक इकाइयाँ और स्थानीय उत्पादों के लिए आउटलेट्स बनाए जाएंगे। यहाँ युवाओं को आईटी (IT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, और हॉस्पिटैलिटी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में ट्रेनिंग दी जाएगी और कोर्स पूरा होने के बाद उन्हें इसी परिसर में रोजगार भी उपलब्ध कराया जाएगा।
‘प्लग-एंड-प्ले’ मॉडल पर आधारित होगा इंफ्रास्ट्रक्चर
यह औद्योगिक क्षेत्र पूरी तरह से ‘प्लग-एंड-प्ले’ (Plug-and-Play) नीति के तहत विकसित होगा। इसका मतलब है कि उद्यमियों को यहाँ बिजली, पानी, सीवरेज, हाई-स्पीड इंटरनेट और सड़कों के साथ-साथ पहले से तैयार फैक्ट्री शेड्स (Ready Sheds) मिलेंगे। कारोबारी सीधे अपनी मशीनें स्थापित कर तुरंत उत्पादन शुरू कर सकेंगे। इससे स्थानीय एमएसएमई (MSMEs), स्टार्टअप्स और नए उद्योगों को तेजी से बढ़ावा मिलेगा।
बेहतर कनेक्टिविटी के लिए ₹16 करोड़ से बनेगी सड़क
औद्योगिक क्षेत्र को बेहतरीन ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी देने के लिए गुरमा मोड़ से प्रस्तावित साइट तक 15.99 करोड़ रुपये की लागत से एक नई सड़क का निर्माण कराया जाएगा। इससे फैक्ट्रियों तक कच्चा माल लाने और तैयार उत्पादों को मार्केट तक पहुँचाने में आसानी होगी, जिससे ट्रांसपोर्टेशन की लागत घटेगी और उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
उद्यमियों की पुरानी मांग होगी पूरी
गौरतलब है कि सोनभद्र में हिंडाल्को, एनटीपीसी और एनसीएल जैसे बड़े औद्योगिक घराने तो हैं, लेकिन सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों (MSME) के लिए अलग से कोई औद्योगिक क्षेत्र नहीं था। साल 2023 के ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में आए कई निवेश प्रस्ताव सिर्फ इसलिए अटक गए थे क्योंकि जमीन की कमी थी। मारकुंडी में इस 50 एकड़ के नए क्षेत्र के बनते ही व्यापारियों और नए निवेशकों की यह बड़ी समस्या हमेशा के लिए दूर हो जाएगी।
शासन से हरी झंडी मिलते ही इस ऐतिहासिक परियोजना पर युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया जाएगा, जो पूरे पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदल देगा।

