शासकीय खाते से ₹26.87 लाख का गबन, सेंट्रल बैंक का क्लर्क गिरफ्तार


न्यूजलाइन नेटवर्क,मुंगेली ब्यूरो
मुंगेली : जिले में पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के सरकारी बैंक खाते से लाखों रुपये की हेराफेरी के सनसनीखेज मामले का मुंगेली पुलिस ने खुलासा कर दिया है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा में पदस्थ रहे क्लर्क टिकेश कुमार को 26 लाख 87 हजार रुपये के अनाधिकृत अंतरण के आरोप में गिरफ्तार कर अदालत के आदेश पर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। आरोपी ने पद पर रहते हुए एक निष्क्रिय सरकारी खाते को चालू कराकर सुनियोजित ढंग से यह पूरी वित्तीय अनियमितता की थी।
मामले की शुरुआत कलेक्टर मुंगेली के उस आदेश से हुई, जिसमें सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा मुंगेली में संचालित शासकीय खाता क्रमांक 3742452827 में संदिग्ध लेन-देन की जांच कर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला तथा एसडीओपी आशीष अरोरा के मार्गदर्शन में सिटी कोतवाली पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले की तकनीकी और दस्तावेजी जांच शुरू की। पुलिस ने जब बैंक के लेनदेन और सीबीएस प्रणाली के रिकॉर्ड खंगाले तो सामने आया कि 30 सितंबर 2025 से 8 अक्टूबर 2025 के बीच उक्त खाते से सात बार में कुल ₹26.87 लाख की निकासी और हेरफेर किया गया था।
जांच में सामने आया कि मूलतः ग्राम खैरवाही जिला कांकेर निवासी 30 वर्षीय आरोपी टिकेश कुमार उस दौरान बैंक में क्लर्क था और उसके पास केवाईसी, मोबाइल नंबर लिंकिंग तथा आरटीजीएस-नेफ्ट जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां थीं। आरोपी ने पहले बंद पड़े शासकीय खाते को सक्रिय कराया और फिर 30 सितंबर 2025 को सीधे अपने निजी खाते में ₹8.50 लाख ट्रांसफर कर लिए। इसके अगले ही दिन एक अन्य खाते में ₹9.19 लाख और ₹9.18 लाख की राशि भेजी गई, जिसमें से अधिक राशि होने पर ₹1.61 लाख सरकारी खाते में स्वतः वापस भी आ गए थे।
पुलिस ने बैंकिंग साक्ष्यों और तकनीकी पुष्टि के बाद आरोपी के खिलाफ दर्ज धारा 318(4) के साथ धारा 316(5) बीएनएस जोड़ते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े, सउनि ईश्वर सिंह राजपूत, आरक्षक विकास ठाकुर, योगेश यादव और मनोज टंडन की टीम मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और कथित बैंक अप्रूवल की गहन विवेचना में जुटी है।

