छत्तीसगढ़: मंत्रियों को ‘अंतिम चेतावनी’, काम में सुधार नहीं तो कुर्सी गई, दिल्ली से आई फटकार

छत्तीसगढ़: मंत्रियों को ‘अंतिम चेतावनी’, काम में सुधार नहीं तो कुर्सी गई, दिल्ली से आई फटकार

छत्तीसगढ़: मंत्रियों को ‘अंतिम चेतावनी’, काम में सुधार नहीं तो कुर्सी गई, दिल्ली से आई फटकार

न्यूज़लाइन नेटवर्क, रायपुर ब्यूरो 
​रायपुर: छत्तीसगढ़ की सियासत में गुरुवार की रात बड़ी हलचल भरी रही। मुख्यमंत्री निवास पर हुई एक हाई-प्रोफाइल बैठक में केंद्रीय संगठन ने राज्य के मंत्रियों को स्पष्ट कर दिया है कि अब ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं है। मंत्रियों को सीधे तौर पर ‘अंतिम अल्टीमेटम’ दिया गया है कि वे अगले दो महीनों के भीतर अपने कामकाज में सुधार लाएं, अन्यथा उन्हें पद से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।

​संगठन की नाराजगी और कड़ा रुख
सूत्रों की मानें तो दिल्ली से मिले इनपुट के बाद केंद्रीय नेतृत्व मंत्रियों के प्रदर्शन से काफी असंतुष्ट है। पार्टी के शीर्ष सूत्रों का कहना है कि मंत्रियों के कामकाज की जो रिपोर्ट लगातार दिल्ली पहुँच रही थी, वह निराशाजनक रही है। सूरजपुर की हालिया घटना ने इस असंतोष को और अधिक बढ़ा दिया है, जिसे केंद्रीय संगठन ने अत्यंत गंभीरता से लिया है।

​बैठक की कुछ अहम बातें:

  1. ​दो माह की समय सीमा: सूत्रों के अनुसार सभी मंत्रियों को अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए दो महीने का कड़ा समय दिया गया है।
    ​समीक्षा का फैसला: दो माह के बाद केंद्रीय संगठन फिर से समीक्षा करेगा और जिनके काम में सुधार नहीं दिखेगा, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।
    ​जनता का काम प्राथमिकता: मंत्रियों को हिदायत दी गई है कि वे अपने प्रभार वाले जिलों के कलेक्टरों और विभागीय सचिवों के साथ तालमेल बिठाकर जनता के रुके हुए काम पूरे करें।
    ​प्रशासनिक सख्ती का संकेत: अमूमन ऐसी बैठकें पार्टी कार्यालय में होती हैं, लेकिन सीएम हाउस में बुलाई गई इस बैठक का उद्देश्य प्रशासनिक सख्ती का कड़ा संदेश देना था।
    ​क्या बोले आलाकमान?
    बैठक में केंद्रीय नेतृत्व ने दो टूक लहजे में कहा कि जनता के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मंत्रियों को अब जनता के प्रति जवाबदेह बनना ही होगा, क्योंकि अब और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
CATEGORIES
Share This

COMMENTS

Wordpress (0)
Disqus ( )