एनसीएल द्वारा अपने चहेते ठेकेदार को देने के लिए सारे नियम ताक पर रख कर विस्थापितों का कर रहे हैं शोषण।

एनसीएल द्वारा अपने चहेते ठेकेदार को देने के लिए सारे नियम ताक पर रख कर विस्थापितों का कर रहे हैं शोषण।

न्यूजलाइन नेटवर्क- ब्यूरो रिपोर्ट– अरविन्द प्रकाश मालवीय।

सोनभद्र/उत्तर प्रदेश। नॉर्दन कोलफील्ड लिमिटेड के बीना परियोजना में विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग में टेंडर को लेकर बहुत बड़ा घोटाला सामने आया है। जिस कार्य को सिविल डिपार्टमेंट द्वारा विस्थापितों से कराया जाना था उस कार्य को सारे नियम ताक पर रख कर अपने चहेते ठेकेदार को देने के लिए विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग बीना परियोजना द्वारा टेंडर जारी कर अपने चहेते ठेकेदार को दे दिया गया जिसका विवरण इस प्रकार है। NIT N0. : B/EM/e Tender/2025-2026/50 Dated: 14.11.2025 Name of Work – Dismantling shifting and assembling of 02 nos. Shed for weighbridge operation at north side and south side of new CHP for weighbridge from sumps at Bina Project. Amount 6,74,865.75 के कार्य को सिविल डिपार्टमेंट द्वारा विस्थापितों से कराया जाना था लेकिन (GM(E&M) बीना द्वारा अपने चहेते ठिकेदार M/s WEBCOR INFRASTRUCTURE को कार्य दिया गया जिसका LOA NO. B/E &M/LOA/2025-26/122 Datede 16/12/25 है।

बताते चलें कि करीब विगत कई वर्षों से नॉर्दन कोलफील्ड लिमिटेड में दस लाख तक का कार्य विस्थापितों द्वारा एवं पांच लाख रुपए तक का कार्य समिति द्वारा कराए जाने का प्रावधान एवं निर्देश है लेकिन कुछ टेक्निकल कार्य जैसे जिसमें इलेक्ट्रिकल लाइसेंस की आवश्यकता है या कोई अतिसंवेदनशील कार्य या विशेष परिस्थिति के लिए विस्थापित लागू नहीं होता है। जब हमने GM(E &M) बीना से बात किया तो उन्होंने सुरक्षा का हवाला दिया लेकिन जब हमने पूछा कि क्या सिविल डिपार्टमेंट और E &M डिपार्टमेंट का सुरक्षा अलग अलग है तो उन्होंने GM(E &M) हेडक्वार्टर सिंगरौली का हवाला देकर पल्ला झाड़ने का कोशिश किया।

विश्वस्त सूत्रों से ज्ञात हुआ कि कार्य मानक के अनुसार नहीं कराया गया है और फर्जी बिलिंग किया गया है इस कार्य में बहुत आइटम सिविल डिपार्टमेंट द्वारा कराया गया है और कार्य के उस आइटम का पेमेंट अपने अपने चहेते ठेकेदार को कराया गया है अगर कमेटी बनाकर या विजलेंस डिपार्टमेंट द्वारा जांच कराया जाए तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। सूत्र यह भी बताते हैं कि GM E &M का अगर दो साल पीछे के कार्य का जांच किया जाए तो कुछ कार्य ऐसे हैं जो वगैर कार्य कराए ही अपने चहेते ठेकेदार को पेमेंट कराए गए है बहर हाल यह सब जांच का विषय है।

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