स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत एनसीएल में चलाये जा रहे विभिन्न जागरूकता अभियान।

स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत एनसीएल में चलाये जा रहे विभिन्न जागरूकता अभियान।

न्यूजलाइन नेटवर्क- ब्यूरो रिपोर्ट– अरविन्द प्रकाश मालवीय।

 

सिंगरौली/मध्य प्रदेश। जनपद स्थित भारत सरकार की मिनीरत्न कम्पनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की सभी परियोजना एवं इकाइयों में स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। स्थानीय समुदायों और कर्मियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए एनसीएल द्वारा विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।

वृहद स्तर पर स्वच्छता अभियान संचालित:- स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत, एनसीएल की विभिन्न परियोजनाओं एवं इकाइयों में व्यापक स्तर पर अलग-अलग स्थलों की सघन साफ-सफाई सुनिश्चित की जा रही है। कंपनी के कार्यालय परिसरों, आवासीय कॉलोनियों, खदान क्षेत्रों एवं सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ तथा सुरम्य बनाने हेतु श्रमदान कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

सिंगल-यूज प्लास्टिक के खिलाफ जंग और अपशिष्ट प्रबंधन:- पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए खड़िया, ककरी एवं अमलोरी परियोजना तथा सीडबल्यूएस इकाई द्वारा सिंगल-यूज प्लास्टिक के चलन को पूरी तरह समाप्त करने के उद्देश्य से आम लोगों के बीच जूट के थैलों का वितरण किया गया, वहीं दूधीचुआ परियोजना ने अपशिष्ट प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए डस्टबिन बांटे ताकि कचरे का सही निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। इसके अतिरिक्त झिंगुरदा परियोजना में एक निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें कर्मियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।

सामूहिक श्रमदान बना जन आंदोलन:- एनसीएल द्वारा इस पखवाड़े के अंतर्गत सफाई को एक जन आंदोलन का रूप दिया जा रहा है, जिसमें कर्मियों से लेकर बच्चों तथा स्थानीय लोगों को अभियान से जोड़ा जा रहा है। इसी क्रम में सीडबल्यूएस इकाई द्वारा आयोजित विशेष सफाई अभियान में केंद्रीय विद्यालय, सीडबल्यूएस के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सामूहिक श्रमदान के माध्यम से समाज को स्वच्छता का संदेश दिया। इस अभियान को गति देने के लिए सीडबल्यूएस के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने खुद सफाई कार्य में हाथ बंटाकर स्वच्छता को सामाजिक जिम्मेदारी बनाने का संदेश दिया।

जयंत परियोजना की अनूठी पहल से स्कूल बनेंगे प्लास्टिक और स्पीट फ्री:- स्वच्छता अभियान को एक कदम आगे ले जाते हुए जयंत परियोजना ने क्षेत्र के पांच प्रमुख विद्यालयों को पूरी तरह से “प्लास्टिक एवं स्पीट फ्री” घोषित कर दिया है। इन संस्थानों में सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ज्योति किंडरगार्टन, सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शासकीय प्राथमिक विद्यालय और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। इन सभी विद्यालयों में एकल-उपयोग प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने, परिसर को स्वच्छ बनाए रखने तथा थूकने जैसी अस्वच्छ आदतों को जड़ से खत्म करने के लिए आने वाले दिनों में विशेष जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे।

अमलोरी परियोजना की जन चौपाल और नुक्कड़ नाटक से ग्रामीण अंचलों में स्वच्छता की अलख:- स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत अमलोरी परियोजना द्वारा ग्रामीण अंचल में जन चौपाल का आयोजन किया गया एवं उपस्थित ग्रामीणों को कपड़े एवं जूट के थैलों का प्रयोग करने तथा अपने घर एवं आस पास के परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने हेतु प्रेरित किया गया। इसके साथ ही डीएवी अमलोरी के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्लास्टिक का उपयोग न करने के बारे में लोगों को जागरूक किया।

30 जून तक जारी रहेगा स्वच्छता का महापर्व:- गौरतलब है कि एनसीएल में स्वच्छता पखवाड़ा 2026, 16 जून से 30 जून, 2026 तक मनाया जा रहा है। इस दौरान एनसीएल की सभी परियोजना एवं इकाइयों में स्वच्छता जागरूकता रैलियां, नुक्कड़ नाटक, लोकगीत प्रस्तुतियां, चित्रकला, निबंध और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं सहित विभिन्न कार्यशालाओं के जरिए लोगों को जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही एनसीएल द्वारा जल स्रोतों की सफाई, खदान क्षेत्रों, अस्पतालों और विद्यालय परिसरों में विशेष सफाई अभियान चलाने के साथ-साथ वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने, व्यापक वृक्षारोपण करने और पौधा वितरण जैसी पर्यावरण-अनुकूल गतिविधियों पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है।

CATEGORIES
Share This

COMMENTS

Wordpress (0)
Disqus ( )