चार महीने के प्रार्थना पत्रों का हिसाब मांगता रहा भूख हड़ताल पर बैठा ग्रामीण, सीडीओ से दो घंटे चली  वार्ता




डीएम से फोन पर निष्पक्ष व शीघ्र कार्रवाई के आश्वासन पर केवल जल-जूस ग्रहण, धरने पर बैठे श्याम बिहारी बोले- दोषियों पर कार्रवाई तक जारी रहेगा अनशन


न्यूज़लाइन नेटवर्क
अमृतपुर फर्रुखाबाद भरत सोलंकी



तहसील अमृतपुर के ग्राम बलीपट्टी रानीगांव में चार दिनों से धरने पर बैठे ग्रामीण श्याम बिहारी अवस्थी का आंदोलन शनिवार को प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया। लगातार बिगड़ती स्थिति के बीच मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ खुद धरना स्थल पहुंचे और ग्रामीणों व पत्रकारों की मौजूदगी में करीब दो घंटे तक खुली वार्ता की। इसके बावजूद भूख हड़ताल समाप्त नहीं हो सकी। ग्रामीण ने साफ शब्दों में कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई चाहिए।
धरना स्थल पर उस समय माहौल और गरमा गया जब श्याम बिहारी अवस्थी ने मुख्य विकास अधिकारी के सामने ही तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार महीनों से वह हर समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देते रहे, लेकिन शिकायतों का निस्तारण तो दूर, कई प्रार्थना पत्रों को आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज तक नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों को सुनने के नाम पर सिर्फ खानापूरी की जा रही है।
श्याम बिहारी अवस्थी ने तीखे अंदाज में कहा कि तहसील दिवस में दिए गए अधिकांश प्रार्थना पत्र “रद्दी की टोकरी” में फेंक दिए गए। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन पुराने प्रार्थना पत्रों की आईजीआरएस संदर्भ संख्या सार्वजनिक कर दे तो पूरे खेल की सच्चाई सामने आ जाएगी।
ग्रामीण ने गांव के लोगों को वर्षों से परिवार रजिस्टर की नकल न मिलने का मुद्दा भी उठाया और विकास विभाग में भ्रष्टाचार व अनियमितताओं के आरोप लगाए। उन्होंने खंड विकास अधिकारी की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ ने मामले को गंभीर बताते हुए सभी शिकायतों की जांच कराने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही, गड़बड़ी या शिकायतों को दबाने की पुष्टि हुई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि श्याम बिहारी अवस्थी सिर्फ आश्वासन पर पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। उन्होंने जिलाधिकारी से सीधे वार्ता की मांग रखी। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी ने मौके से ही जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर से फोन पर उनकी बातचीत कराई। जिलाधिकारी ने निष्पक्ष व शीघ्र जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया।
डीएम के आश्वासन के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन श्याम बिहारी अवस्थी अपने रुख पर कायम रहे। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल जल और जूस ग्रहण किया है, अनशन समाप्त नहीं किया। उनका कहना था कि जब तक दोषियों पर स्पष्ट कार्रवाई नहीं होती, तब तक भूख हड़ताल और आंदोलन जारी रहेगा।
पत्रकारों से बातचीत में मुख्य विकास अधिकारी ने माना कि मामला बेहद संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि आने वाले समाधान दिवस तक पुराने सभी प्रार्थना पत्रों की समीक्षा कराई जाएगी और यह भी जांच होगी कि कितने प्रार्थना पत्र ऐसे हैं जिन्हें प्राप्त तो किया गया, लेकिन उनकी कोई संदर्भ संख्या जारी नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है, इसकी भी गहन जांच कराई जाएगी। जिन कर्मचारियों की भूमिका शिकायतों में गड़बड़ी या लापरवाही में सामने आएगी, उनके खिलाफ निलंबन सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी ने यह भी कहा कि श्याम बिहारी अवस्थी की विकास कार्यों से जुड़ी समस्याओं का निस्तारण सोमवार शाम तक हर हाल में कराने का प्रयास किया जाएगा, जबकि अन्य शिकायतों पर भी तेजी से कार्रवाई शुरू होगी।
गौरतलब है कि ग्राम बलीपट्टी रानीगांव निवासी श्याम बिहारी अवस्थी पिछले चार दिनों से विभिन्न सामाजिक मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। पहले दिन सामान्य धरना रहा, दूसरे दिन भूख हड़ताल शुरू हुई और तीसरे दिन से उन्होंने अन्न-जल त्याग दिया था। प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार कोशिशों के बावजूद आंदोलन खत्म न होने से पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल गर्म है और अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

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