शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद लॉन्च करेंगे ‘गो-LX’ ऐप: देश की हर विधानसभा में खुलेगा गऊ-धाम; गाय सिर्फ खरीदी जाएगी, बेचने पर रोक

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद लॉन्च करेंगे ‘गो-LX’ ऐप: देश की हर विधानसभा में खुलेगा गऊ-धाम; गाय सिर्फ खरीदी जाएगी, बेचने पर रोक

नई दिल्ली / न्यूज़लाइन नेटवर्क, डेस्क ब्यूरो
गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और गोरक्षा के संकल्प के साथ देशव्यापी ‘गोरक्षा यात्रा’ पर निकले ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक अनूठी और बड़ी डिजिटल पहल की शुरुआत की है। शंकराचार्य ने जल्द ही ‘गो-LX’ (Go-LX) नाम से एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च करने की बात कही है है, जिसका उद्देश्य सड़कों पर लावारिस घूम रही या कसाईखानों की तरफ ले जाई जा रही गायों को सुरक्षित आश्रय देना और उनकी सेवा सुनिश्चित करना है।
इस पहल की सबसे खास बात यह है कि यह ऐप आम कमर्शियल प्लेटफॉर्म्स की तरह काम नहीं करेगा। शंकराचार्य ने साफ किया है कि इस ऐप के माध्यम से गायों की केवल ‘खरीद’ की जाएगी, उन्हें किसी मुनाफे के लिए बेचा नहीं जाएगा।

‘गो-LX’ ऐप: व्यापार नहीं, सिर्फ सेवा और सुरक्षा
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने ऐप की कार्यप्रणाली और इसके पीछे के मुख्य सिद्धांतों को स्पष्ट करते हुए कहा: “हम इस ऐप के माध्यम से सिर्फ गाय खरीद रहे हैं, बेच नहीं रहे हैं। हमारा उद्देश्य गायों का व्यापार करना नहीं, बल्कि उन्हें कटने से बचाना और सम्मानजनक जीवन देना है। अगर कोई सनातनी भाई-बहन हमसे गाय लेना चाहेगा,तो हम उसे मुफ्त में या सेवा भाव से गाय सौंपेंगे, लेकिन इसके लिए बेहद कड़े नियम होंगे।”
सख्त एग्रीमेंट और समय-समय पर चेकिंग
शंकराचार्य ने बताया कि जो भी व्यक्ति इस ऐप या संस्था के माध्यम से गाय को अपने घर ले जाना चाहेगा, उसके साथ एक कानूनी और धार्मिक अनुबंध (एग्रीमेंट) किया जाएगा।
सेवा का लाइसेंस: गाय लेने वाले व्यक्ति को एक ‘सेवा लाइसेंस’ जारी किया जाएगा, जो इस बात का प्रमाण होगा कि गाय केवल सेवा और पालन-पोषण के उद्देश्य से ली जा रही है।
समय-समय पर औचक निरीक्षण: संस्था की टीमें समय-समय पर गाय ले जाने वाले व्यक्ति के घर जाकर औचक निरीक्षण (चेकिंग) करेंगी। इस चेकिंग का मकसद यह देखना होगा कि गाय सुरक्षित है या नहीं, उसे उचित चारा-पानी मिल रहा है या नहीं, और कहीं उसके साथ दुर्व्यवहार तो नहीं हो रहा।
देश की सभी 4,123 विधानसभाओं में खुलेंगे ‘गऊ-धाम’
इस महाअभियान को जमीनी स्तर पर अमलीजामा पहनाने के लिए शंकराचार्य ने एक विशाल बुनियादी ढांचे का खाका देश के सामने रखा है। ऐप के जरिए जो भी गायें खरीदी या बचाई जाएंगी, उन्हें सुरक्षित रखने के लिए देशव्यापी नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।
शंकराचार्य ने घोषणा की है कि देश की सभी 4,123 विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक
‘गऊ-धाम’ (गौशाला) खोला जाएगा। इन गऊ-धामों में आधुनिक सुविधाएं होंगी, जहां बीमार, बूढ़ी और बेसहारा गायों की चिकित्सा और देखभाल की पूरी व्यवस्था की जाएगी। स्थानीय स्तर पर विधानसभा वार गऊ-धाम खुलने से गायों के परिवहन में होने वाली दिक्कतों से भी बचा जा सकेगा।
‘गोरक्षा यात्रा’ को मिल रहा भारी जनसमर्थन
गौरतलब है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पिछले काफी समय से देश में गो-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गाय को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करवाने की मांग को लेकर देशव्यापी यात्रा कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान उन्हें संतों, सनातन धर्मावलंबियों और आम जनता का भारी समर्थन मिल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘गो-LX’ ऐप और ‘4,123 गऊ-धाम’ की यह योजना अगर पूरी तरह धरातल पर उतरती है, तो यह देश में बेसहारा गोवंश की समस्या को हल करने और गोरक्षा के क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा और व्यवस्थित निजी प्रयास साबित हो सकता है। डिजिटल तकनीक (ऐप) और सनातन परंपरा (गौ सेवा) का यह संगम आने वाले दिनों में देश की राजनीति और सामाजिक विमर्श में गो-संरक्षण के मुद्दे को एक नए मुकाम पर ले जाएगा।

