आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर डीएम सख्त, कई अधिकारियों का मई माह का वेतन रोका
न्यूज़लाइन नेटवर्क
फर्रुखाबाद
जनसुनवाई एवं शिकायत निस्तारण प्रणाली आईजीआरएस में लगातार लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को आयोजित विस्तृत समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा शिकायतों के निस्तारण में गंभीर शिथिलता, लापरवाही और शासनादेशों की अनदेखी पाए जाने पर डीएम ने कई अधिकारियों के मई 2026 के वेतन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों से तीन दिन के भीतर साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
समीक्षा के दौरान नगर पालिका एवं नगर पंचायत फर्रुखाबाद व मोहम्मदाबाद के अधिशासी अधिकारियों, पूर्ति निरीक्षक कायमगंज, अधीक्षण अभियंता विद्युत, अधिशासी अभियंता विद्युत ग्रामीण, नगरीय एवं कायमगंज, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कमालगंज, शमसाबाद, कायमगंज, नवाबगंज और राजेपुर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों सहित कई विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली अत्यंत आपत्तिजनक पाई गई। इसके अलावा जल निगम ग्रामीण, कृषि विभाग, पंचायत विभाग तथा विभिन्न विकास खंडों के अधिकारियों की शिकायत निस्तारण व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली।
जिलाधिकारी ने समीक्षा में पाया कि अधिकांश अधिकारी आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग नहीं कर रहे हैं और न ही शासन की मंशा के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं से शत-प्रतिशत संपर्क न होने के कारण जनपद की मासिक रैंकिंग प्रभावित हो रही है, जिससे शासन स्तर पर जिले की छवि भी धूमिल हो रही है।
डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने स्पष्ट कहा कि आईजीआरएस शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और मुख्यमंत्री द्वारा जनसुनवाई को विशेष महत्व दिया गया है। इसके बावजूद शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतना अनुशासनहीनता, प्रशासनिक अक्षमता और कार्य के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से संपर्क स्थापित कर शासनादेशों का पूर्ण पालन कराया जाए।

