FlatNews Buy Now

स्थानांतरण के बाद भी मुंगेली में जमे रहे डीपीआरओ पर विवाद: पत्रकारों पर अशोभनीय टिप्पणी और वसूली के आरोपों की सीएम से शिकायत

स्थानांतरण के बाद भी मुंगेली में जमे रहे डीपीआरओ पर विवाद: पत्रकारों पर अशोभनीय टिप्पणी और वसूली के आरोपों की सीएम से शिकायत

१०० रूपए में बिकते हैं पत्रकार,गांजा तस्करी भी करते हैं,संस्थाएं तीन हजार में बेचती हैं आईडी : सुजीत सिंह (सहायक संचालक जनसंपर्क)

न्यूज़लाइन नेटवर्क,डेस्क ब्यूरो

रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा मुंगेली में पुर्व पदस्थ सहायक संचालक (डीपीआरओ) सुजीत सिंह का स्थानांतरण रायगढ़ किए जाने और एकतरफा भारमुक्त करने के आदेश के बावजूद कार्यक्षेत्र में उनकी कथित निरंतरता को लेकर प्रशासनिक व मीडिया हल्कों में विवाद गहरा गया है। आरोप है कि आदेश के बाद भी पद पर बने रहने के दौरान अधिकारी द्वारा पत्रकारों को लेकर अत्यंत अमर्यादित और अपमानजनक टिप्पणियां की गईं, जिससे स्थानीय मीडिया जगत में भारी आक्रोश व्याप्त है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्थानांतरण आदेश प्रभावी होने के उपरांत पत्रकारों से हुई एक अनौपचारिक बातचीत के दौरान डीपीआरओ द्वारा स्थानीय संवाददाताओं के प्रति बेहद आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि उन्होंने पत्रकारों की साख पर गंभीर सवाल उठाते हुए उन्हें आर्थिक रूप से समझौतावादी १०० रूपए में बिकने वाले, अवैध गतिविधियों (गांजा तस्करी)में संलिप्त और मीडिया पहचान-पत्रों (आईडी) की संस्थाओं द्वारा अनैतिक खरीद-फरोख्त,तीन‌ हजार रुपए में आईडी बेचने वाले बताया। इतना ही नहीं, विभिन्न शासकीय विभागों से तालमेल बैठाकर पत्रकारों के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करने जैसी विवादित बातें कहने का भी दावा किया जा रहा है।
इस घटनाक्रम के विरोध में स्थानीय स्तर पर असंतोष तेज हो गया है। अधिकारी के खिलाफ केवल अमर्यादित बयानबाजी ही नहीं,बल्कि विभिन्न विभागों से कथित तौर पर अनुचित आर्थिक लाभ व लाखों रुपये की वसूली से जुड़े गंभीर आरोपों को लेकर मुख्यमंत्री सचिवालय और सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर विधिवत लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।शिकायतकर्ता ने निष्पक्ष जांच कराकर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।

जनसंपर्क विभाग का मूल दायित्व शासन, प्रशासन और मीडिया के बीच एक सकारात्मक, पारदर्शी और गरिमापूर्ण समन्वय स्थापित करना होता है। यदि उसी महकमे का कोई वरिष्ठ अधिकारी स्थानांतरण व भारमुक्ति आदेशों के पालन में शिथिलता बरते या मीडिया बिरादरी के प्रति ही पूर्वाग्रहपूर्ण और अपमानजनक टिप्पणियों के घेरे में आए, तो यह संस्थागत संवाद की गरिमा पर गंभीर चोट है।

संस्थाओं पर 3000/- में आईडी बेचने का आरोप संबंधी आडियो जो कि डीपीआरओ की आवाज है। (न्यूज़लाइन नेटवर्क इसकी पुष्टि नहीं करता है)


प्रशासनिक दृष्टिकोण से स्थानांतरण के बावजूद पद पर बने रहना जहां सेवा आचरण संहिता के अनुपालन पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है, वहीं वसूली जैसे गंभीर वित्तीय आरोपों की लिखित शिकायत व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग करती है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और प्रशासनिक मशीनरी के बीच विश्वास की बहाली के लिए आवश्यक है कि शासन स्तर पर इन सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर स्थिति स्पष्ट की जाए। व मुंगेली जिले के पत्रकारों को एकजुट होकर इस अपमान के विरुद्ध आवाज उठानी चाहिए कि आखिर दर्जनभर वरिष्ठ पत्रकार व सैकड़ों पत्रकारों के अस्तित्व /चरित्र पर कोई अधिकारी कैसे सवाल खड़े कर सकता है। इस विषय पर सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है जिसका क्रमांक शिकायत क्र WP260900182831 है।

CATEGORIES
Share This

COMMENTS

Wordpress (0)
Disqus ( )