नवयुग पालिका योजना में शामिल हुआ फर्रुखाबाद, पांच वर्षों में बदलेंगे शहर के विकास के आयाम
ऑनलाइन नागरिक सेवाओं, डिजिटल गवर्नेंस और नवाचार आधारित परियोजनाओं को मिलेगा बढ़ावा, प्रदर्शन के आधार पर मिलेगी अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि

न्यूज़लाइन नेटवर्क फर्रुखाबाद
नगर विकास को नई दिशा देने वाली “नवयुग पालिका योजना” के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद के अध्यक्ष, अपर जिलाधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में उत्तर प्रदेश शासन के नगर विकास विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत योजना के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली और क्रियान्वयन की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप योजना का लाभ जनता तक पहुंचाने और निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।अधिकारियों ने बताया कि नवयुग पालिका योजना का मुख्य उद्देश्य नगरीय निकायों में ऑनलाइन नागरिक सेवाओं का विस्तार, डिजिटल गवर्नेंस की आधारभूत संरचना को मजबूत करना, नगरों के सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देना तथा आधुनिक तकनीकों और नवाचारों के माध्यम से शहरी विकास को गति देना है।योजना के प्रथम चरण में प्रदेश के 58 नगरीय निकायों का चयन किया गया है, जिनमें नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद को भी शामिल किया गया है। इसे जनपद के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे शहर के आधारभूत ढांचे और नागरिक सुविधाओं में सुधार की संभावनाएं बढ़ गई हैं।बैठक में बताया गया कि योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 से शुरू होकर अगले पांच वर्षों तक संचालित होगी। इसके तहत चयनित निकायों को उनकी जनसंख्या के आधार पर दो श्रेणियों में बांटा गया है। श्रेणी-1 के निकायों को अधिकतम 12 करोड़ रुपये तथा श्रेणी-2 के निकायों को अधिकतम 8 करोड़ रुपये तक का वार्षिक बजट उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके अलावा निकायों की कार्यकुशलता और प्रदर्शन के आधार पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान किया गया है। संपत्ति कर अभिलेखों के डिजिटलीकरण, करदाताओं की संख्या में वृद्धि तथा राजस्व संग्रह बढ़ाने वाले निकायों को अतिरिक्त बजट का लाभ मिलेगा। प्रत्येक श्रेणी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष तीन निकायों को प्रतिवर्ष प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
बैठक में संभावित विकास परियोजनाओं, राजस्व संवर्धन के उपायों और नवाचार आधारित कार्य योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर योजना के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

