मुंगेली के साहित्यिक मंच ‘कविता चौराहे पर’ को मिला ‘सुग्घर साहित्य सम्मान 2026’


21 वर्षों से ब्लैक बोर्ड के जरिए साहित्य को आमजन तक पहुंचा रहा है मंच
बेमेतरा के भीभौंरी में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में संस्थापक राकेश गुप्त ‘निर्मल’ हुए सम्मानित
न्यूजलाइन नेटवर्क , मुंगेली ब्यूरो
मुंगेली : साहित्य को बंद कमरों और गोष्ठियों से निकालकर आमजन के बीच स्थापित करने वाले मुंगेली के प्रतिष्ठित साहित्यिक उपक्रम ‘कविता चौराहे पर’ को इस वर्ष के ‘सुग्घर साहित्य सम्मान 2026’ से अलंकृत किया गया है। विगत 21 वर्षों से अनवरत साहित्यिक सेवा में समर्पित इस मंच ने न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि राष्ट्रीय फलक पर भी अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है।
सुग्घर साहित्य समिति, बेरला (जिला बेमेतरा) द्वारा ग्राम भीभौंरी में आयोजित एक दिवसीय ‘सुग्घर साहित्य महोत्सव 2026’ में यह सम्मान प्रदान किया गया। भव्य समारोह के दौरान प्रदेश की 10 साहित्यिक संस्थाओं का सम्मान, तीन पुस्तकों का विमोचन और गरिमामयी कवि सम्मेलन संपन्न हुआ।
‘कविता चौराहे पर’ की अनूठी पहल के तहत मुंगेली नगर में एक ब्लैक बोर्ड (श्यामपट्ट) स्थापित किया गया है। इस पर प्रति सप्ताह किसी एक समसामयिक कवि की हिंदी अथवा छत्तीसगढ़ी रचना प्रदर्शित की जाती है। आम जनमानस को कविता और साहित्य से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू हुई यह मुहिम आज राष्ट्रीय स्वरूप ले चुकी है। अब तक इस मंच पर छत्तीसगढ़ के अलावा मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, बिहार, बेंगलुरु, हरियाणा, मुंबई और दिल्ली सहित देश के अनेक राज्यों के रचनाकारों की कृतियां प्रदर्शित की जा चुकी हैं।
समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे ‘छंद के छांव’ के संस्थापक अरुण निगम रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग की सचिव अभिलाषा बेहार, वरिष्ठ कवि सुरेंद्र शर्मा ‘सुमन’ (छतरपुर, मप्र) तथा श्रीमती वंदना सोनी (जबलपुर) मंचासीन रहे।
अतिथियों ने ‘कविता चौराहे पर’ मंच के संस्थापक व संयोजक कवि राकेश गुप्त ‘निर्मल’ को पुष्पहार, अभिनंदन पत्र, अंगवस्त्र एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान मंच से जुड़े युवा रचनाकार महेंद्र यादव, श्रीमती विभा सोनी तथा बबला केशरवानी भी उपस्थित रहे।
‘कविता चौराहे पर’ को यह प्रतिष्ठित राज्यस्तरीय सम्मान मिलने पर मुंगेली के साहित्य प्रेमियों में हर्ष का माहौल है। मंच के संरक्षक राजकुमार शुक्ला, मनोज अग्रवाल, जेठमल कोटड़िया तथा डॉ. चंद्रशेखर ने इसे नगर के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए संस्थापक राकेश गुप्त ‘निर्मल’ एवं पूरी टीम को बधाई व शुभकामनाएं दी हैं।

